उनकी मोहब्बत का अभी निशान बाकी हैं, नाम लब पर हैं मगर जान अभी बाकी हैं, क्या हुआ अगर देख कर मूंह फेर लेते हैं वो.. तसल्ली हैं कि अभी तक शक्ल कि पहचान बाकी हैं!


Bewafa Shayari / Tuesday, January 31st, 2017

उनकी मोहब्बत का अभी निशान बाकी हैं,
नाम लब पर हैं मगर जान अभी बाकी हैं,
क्या हुआ अगर देख कर मूंह फेर लेते हैं वो..
तसल्ली हैं कि अभी तक शक्ल कि पहचान बाकी हैं!

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