उड़ रहा था मेरा दिल भी परिंदों की तरह, तीर जब लग गई तो कोई भी मरहम न हुआ, देख लेना था मुझे भी हर सितम की अदा, ऐ सनम तेरे जैसा मेरा कोई दुश्मन न हुआ.


Bewafa Shayari / Tuesday, January 31st, 2017

उड़ रहा था मेरा दिल भी परिंदों की तरह,
तीर जब लग गई तो कोई भी मरहम न हुआ,
देख लेना था मुझे भी हर सितम की अदा,
ऐ सनम तेरे जैसा मेरा कोई दुश्मन न हुआ.

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