फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है, मुस्कुरा के गम भूलाना जिन्दगी है, मिलकर लोग खुश होते है तो क्या हुआ, बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है!


Dosti Shayari / Saturday, January 28th, 2017

फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी है,
मुस्कुरा के गम भूलाना जिन्दगी है,
मिलकर लोग खुश होते है तो क्या हुआ,
बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है!

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