ना डालो बोझ दिलों पर, अक्सर दिल टूट जाते हैं, सिरे नाज़ुक हैं दोस्ती के, जो अक्सर छूट जाते हैं, न रखो दोस्ती की बुनियादों में, कोई झूठ का पत्थर, लहर जब तेज़ आती हैं, तो घरौंदे भी टूट जाते हैं..


Dosti Shayari / Saturday, January 28th, 2017

ना डालो बोझ दिलों पर, अक्सर दिल टूट जाते हैं,
सिरे नाज़ुक हैं दोस्ती के, जो अक्सर छूट जाते हैं,
न रखो दोस्ती की बुनियादों में, कोई झूठ का पत्थर,
लहर जब तेज़ आती हैं, तो घरौंदे भी टूट जाते हैं..

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