मोहब्बत कि ज़ंज़ीर से डर लगता हे, कुछ अपनी तफलीक से डर लगता हे. जो मुझे तुजसे जुदा करते हे, हाथ कि वो लकीरो से डर लगता हे.


Romantic Shayari / Tuesday, January 10th, 2017

मोहब्बत कि ज़ंज़ीर से डर लगता हे,
कुछ अपनी तफलीक से डर लगता हे.
जो मुझे तुजसे जुदा करते हे,
हाथ कि वो लकीरो से डर लगता हे.

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