मैं शिकायते भी किससे करूँ, सब किस्मतों की बात है, तेरी सोच में भी नहीं हूँ मैं, मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ तू याद हैं..


Bewafa Shayari / Monday, December 26th, 2016

मैं शिकायते भी किससे करूँ,
सब किस्मतों की बात है,
तेरी सोच में भी नहीं हूँ मैं,
मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ तू याद हैं..

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