मुझे फिर तबाह कर मुझे फिर रुला जा, सितम करने वाले कहीं से तू आजा, आँखों में तेरी ही सूरत बसी है, तेरी ही तरह तेरा ग़म भी हंसीं है..


Bewafa Shayari / Monday, December 26th, 2016

मुझे फिर तबाह कर मुझे फिर रुला जा,
सितम करने वाले कहीं से तू आजा,
आँखों में तेरी ही सूरत बसी है,
तेरी ही तरह तेरा ग़म भी हंसीं है..

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