सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा, सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा, न जाने क्या बात थी उन मे और हम मे, सारी महफिल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा.


All / Sunday, December 25th, 2016

सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
न जाने क्या बात थी उन मे और हम मे,
सारी महफिल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा.

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