“किस्मत पर एतबार किसको हैं , मिल जाये खुसी इंकार किसको हैं, कुछ मजबूरिय हैं मेरे दोस्त, वरना जुदाई से प्यार किसको हैं.”


Dosti Shayari / Thursday, December 22nd, 2016

“किस्मत पर एतबार किसको हैं ,
मिल जाये खुसी इंकार किसको हैं,
कुछ मजबूरिय हैं मेरे दोस्त,
वरना जुदाई से प्यार किसको हैं.”

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