ख़ामोश फ़ज़ा थी कहीं साया भी नहीं था, इस शहर में हमसा कोई तनहा भी नहीं था, किस जुर्म पे छीनी गयी मुझसे मेरी हँसी, मैंने किसी का दिल तो दुखाया भी नहीं था..


Dard Shayari

ख़ामोश फ़ज़ा थी कहीं साया भी नहीं था, इस शहर में हमसा कोई तनहा भी नहीं था, किस जुर्म पे छीनी गयी मुझसे मेरी हँसी, मैंने किसी का दिल तो दुखाया भी नहीं था.. Please follow and like us:

January 28, 2017

तैरना तो आता था हमें मोहब्बत के समंदर में लेकिन, जब उसने हाथ ही नहीं पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा..


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तैरना तो आता था हमें मोहब्बत के समंदर में लेकिन, जब उसने हाथ ही नहीं पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा.. Please follow and like us:

December 27, 2016

1. दिया बनकर जिसने घर रोशन किया उसी ने घर जल दिया , धड़कन समझकर जिसे दिल में बसाया उसी ने दिल तोड़ दिया..


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1. दिया बनकर जिसने घर रोशन किया उसी ने घर जल दिया , धड़कन समझकर जिसे दिल में बसाया उसी ने दिल तोड़ दिया.. Please follow and like us:

December 27, 2016

मंजिलें खामोश है ,शोर करता ये रास्ता तो है, दिल्लगी का हीं सही ,साथ कोई वास्ता तो है, कौन कहता है हमारे दरमियाँ कुछ भी नहीं, नामुक़्कमल इक अधूरी अनकही दास्ताँ तो है..


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मंजिलें खामोश है ,शोर करता ये रास्ता तो है, दिल्लगी का हीं सही ,साथ कोई वास्ता तो है, कौन कहता है हमारे दरमियाँ कुछ भी नहीं, नामुक़्कमल इक अधूरी अनकही दास्ताँ तो है.. Please follow and like us:

December 27, 2016

वो छोड़ के गए हमें, न जाने उनकी क्या मजबूरी थी, खुदा ने कहा इसमें उनका कोई कसूर नहीं, ये कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी..


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वो छोड़ के गए हमें, न जाने उनकी क्या मजबूरी थी, खुदा ने कहा इसमें उनका कोई कसूर नहीं, ये कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी.. Please follow and like us:

December 26, 2016

दो कदम तो सभी चल लेते हैं पर, ज़िन्दगी भर साथ कोई नहीं निभाता, अगर रो कर भुला सकते यादें, तो हँस कर कोई अपने गम न छुपाता..


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दो कदम तो सभी चल लेते हैं पर, ज़िन्दगी भर साथ कोई नहीं निभाता, अगर रो कर भुला सकते यादें, तो हँस कर कोई अपने गम न छुपाता.. Please follow and like us:

December 26, 2016