सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा, सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा, न जाने क्या बात थी उन मे और हम मे, सारी महफिल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा..


Love Shayari / Wednesday, March 8th, 2017

सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
न जाने क्या बात थी उन मे और हम मे,
सारी महफिल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा..

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