तारों में अकेले चाँद जगमगाता है, मुश्किलों में अकेला इन्सान डगमगाता है, काँटों से मत घबराना मेरे दोस्त, क्योंकि काँटों में ही एक गुलाब मुस्कुराता है


Dosti Shayari / Wednesday, March 8th, 2017

तारों में अकेले चाँद जगमगाता है,
मुश्किलों में अकेला इन्सान डगमगाता है,
काँटों से मत घबराना मेरे दोस्त,
क्योंकि काँटों में ही एक गुलाब मुस्कुराता है

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