चिराग खुशियों के कब से बुझाए बैठे हैं, कब दीदार होगा उनसे हम आस लगाए बैठे हैं, हमें मौत आएगी उनकी ही बाहों में, हम मौत से ये शर्त लगाए बैठे हैं..


All, Hindi Shayari, Love Shayari / Wednesday, March 8th, 2017

चिराग खुशियों के कब से बुझाए बैठे हैं,
कब दीदार होगा उनसे हम आस लगाए बैठे हैं,
हमें मौत आएगी उनकी ही बाहों में,
हम मौत से ये शर्त लगाए बैठे हैं..

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