अब हमे कभी तेरा दीदार नसीब ना होगा, दोसती का रिशता कभी करीब ना होगा, करोध मे पैदा की हमने जो गलतफहमियां, शायद हमसे बडा कोई बदनसीब ना होगा..


Dosti Shayari / Wednesday, March 8th, 2017

अब हमे कभी तेरा दीदार नसीब ना होगा,
दोसती का रिशता कभी करीब ना होगा,
करोध मे पैदा की हमने जो गलतफहमियां,
शायद हमसे बडा कोई बदनसीब ना होगा..

 

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

six + 20 =