दोस्त की दोस्ती है दावा मेरे हर ज़ख़्म के लिए, दोस्त की ही तो ज़रूरत है जीने मरने के लिए, दोस्त की खाती हर हार हमे मंज़ूर है, दोस्त की दोस्ती ही तो बस मेरी जान है..


Dosti Shayari / Tuesday, March 7th, 2017

दोस्त की दोस्ती है दावा मेरे हर ज़ख़्म के लिए,
दोस्त की ही तो ज़रूरत है जीने मरने के लिए,
दोस्त की खाती हर हार हमे मंज़ूर है,
दोस्त की दोस्ती ही तो बस मेरी जान है..

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve − four =