गम को बेचकर खुशी खरीद लेगे, ख्याबो को बेचकर जिन्दगी खरीदलेगें, होगी इम्तहान तो देखेगी दुनिया, खुद को बेचकर आपकी दोस्ती खरीद लेगे..


Dosti Shayari / Tuesday, March 7th, 2017

गम को बेचकर खुशी खरीद लेगे,
ख्याबो को बेचकर जिन्दगी खरीदलेगें,
होगी इम्तहान तो देखेगी दुनिया,
खुद को बेचकर आपकी दोस्ती खरीद लेगे..

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