हर घडी एक नाम याद आता है; कभी सुबह, कभी शाम याद आता है; सोचते हैं हम कि कर लें फिर से मोहब्बत; फिर हमें मोहब्बत का अंजाम याद आता है।


Yaadein Shayari / Saturday, March 4th, 2017

हर घडी एक नाम याद आता है;
कभी सुबह, कभी शाम याद आता है;
सोचते हैं हम कि कर लें फिर से मोहब्बत;
फिर हमें मोहब्बत का अंजाम याद आता है।

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