हर घड़ी, हर पल, हर लम्हा निगाहों में तेरा ही चेहरा रहता है, तुम्हारे मौसम बदलते रहते हैं, हमारा वक्त ठहरा रहता है, कैसे मिटा दें तेरा अक्स हम इन आँखों से, हमारी तो धड़कनों पर भी तेरी यादों का पहरा रहता है..


Yaadein Shayari / Saturday, March 4th, 2017

हर घड़ी, हर पल, हर लम्हा निगाहों में तेरा ही चेहरा रहता है,
तुम्हारे मौसम बदलते रहते हैं, हमारा वक्त ठहरा रहता है,
कैसे मिटा दें तेरा अक्स हम इन आँखों से,
हमारी तो धड़कनों पर भी तेरी यादों का पहरा रहता है..

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