सफर-ए-ज़िन्दगी पे हूँ , तुम भी मेरे संग चलो सदिओं का रास्ता लम्हों में कटे , ले कर कुछ ऐसी तरंग चलो ज़िन्दगी को बहुत तड़पा हूँ अब तो बन के ज़िन्दगी की उमंग चलो कुछ तो रंगीनीआ हो फ़िज़ाओं में , भर ते कुछ रंग चलो


Yaadein Shayari / Saturday, March 4th, 2017

सफर-ए-ज़िन्दगी पे हूँ , तुम भी मेरे संग चलो
सदिओं का रास्ता लम्हों में कटे , ले कर कुछ ऐसी तरंग चलो
ज़िन्दगी को बहुत तड़पा हूँ अब तो बन के ज़िन्दगी की उमंग चलो
कुछ तो रंगीनीआ हो फ़िज़ाओं में , भर ते कुछ रंग चलो

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