कौन कहता है की अलग -अलग रहते है, हम और तुम हमारी यादो के सफर मे, हम सफर हो तुम ज़िन्दगी से बेखबर हो तुम, हमारे दिल मे बसी इस कदर हो तुम..


Yaadein Shayari / Wednesday, March 1st, 2017

कौन कहता है की अलग -अलग रहते है,
हम और तुम हमारी यादो के सफर मे,
हम सफर हो तुम ज़िन्दगी से बेखबर हो तुम,
हमारे दिल मे बसी इस कदर हो तुम..

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

six + 6 =