सियासी आदमी की शक्ल तो प्यारी निकलती है, मगर जब गुफ़्तगू करता है चिंगारी निकलती है, लबों पर मुस्कुराहट दिल में बेज़ारी निकलती है, बड़े लोगों में ही अक्सर ये बीमारी निकलती है।


Zindagi Shayari / Tuesday, February 28th, 2017

सियासी आदमी की शक्ल तो प्यारी निकलती है,
मगर जब गुफ़्तगू करता है चिंगारी निकलती है,
लबों पर मुस्कुराहट दिल में बेज़ारी निकलती है,
बड़े लोगों में ही अक्सर ये बीमारी निकलती है।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

19 − 17 =