लफ्ज़ वही हैं, माईने बदल गये हैं, किरदार वही, अफ़साने बदल गये हैं, उलझी ज़िन्दगी को सुलझाते सुलझाते, ज़िन्दगी जीने के बहाने बदल गये हैं..


Zindagi Shayari / Tuesday, February 28th, 2017

लफ्ज़ वही हैं, माईने बदल गये हैं,
किरदार वही, अफ़साने बदल गये हैं,
उलझी ज़िन्दगी को सुलझाते सुलझाते,
ज़िन्दगी जीने के बहाने बदल गये हैं..

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