तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,उसमे उलझने की कोशिश न कर चलते वक़्त के साथ तू भी चल, उसमे सिमटने की कोशिश न कर अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर मन में चल रहे युद्ध को विराम दे, खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर जो मिल गया उसी में खुश रह, जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा, मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर..


Zindagi Shayari / Tuesday, February 28th, 2017

तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर
सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,उसमे उलझने की कोशिश न कर
चलते वक़्त के साथ तू भी चल, उसमे सिमटने की कोशिश न कर
अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर
मन में चल रहे युद्ध को विराम दे, खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर
कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर
जो मिल गया उसी में खुश रह, जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर
रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा, मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर..

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

13 + ten =