जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की, बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है, पर जहाँ से अपने ना दिखें वो उँचाई किस काम की।


Zindagi Shayari / Tuesday, February 28th, 2017

जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की,
बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की,
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है,
पर जहाँ से अपने ना दिखें वो उँचाई किस काम की।

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