रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन ना मिला, दर्द हर वक्त मिला चैन किसी क्षण ना मिला, ढूढते ढूढते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमे बचपन ना मिला..


Zindagi Shayari / Thursday, February 23rd, 2017

रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन ना मिला,
दर्द हर वक्त मिला चैन किसी क्षण ना मिला,
ढूढते ढूढते ढल गई धूप जीवन की मगर,
दूसरी बार लौट के हमे बचपन ना मिला..

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