बेगानों से गुजर जाते है कोई बात नहीं होती, हम उनसे रोज मिलते हैं मगर मुलाक़ात नहीं होती, सूखे बंजर खेत जैसी जिंदगी बेहाल है, घटाएं घिर तो आती है मगर बरसात नहीं होती..


Zindagi Shayari / Thursday, February 23rd, 2017

बेगानों से गुजर जाते है कोई बात नहीं होती,
हम उनसे रोज मिलते हैं मगर मुलाक़ात नहीं होती,
सूखे बंजर खेत जैसी जिंदगी बेहाल है,
घटाएं घिर तो आती है मगर बरसात नहीं होती..

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