इश्क ने गूथें थे जो गजरे नुकीले हो गए, तेरे हाथों में तो ये कंगन भी ढीले हो गए, फूल बेचारे अकेले रह गए है शाख पर, गाँव की सब तितलियों के हाथ पीले हो गए..


Zindagi Shayari / Thursday, February 23rd, 2017

इश्क ने गूथें थे जो गजरे नुकीले हो गए,
तेरे हाथों में तो ये कंगन भी ढीले हो गए,
फूल बेचारे अकेले रह गए है शाख पर,
गाँव की सब तितलियों के हाथ पीले हो गए..

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