मुश्किलें दिल के इरादे आजमाती है, स्वप्न के परदे निगाहों से हटाती हैं, हौसला मत हार गिर कर ओ मुसाफिर, ठोकरें ही तो इन्सान को चलना सिखाती हैं..


Zindagi Shayari / Tuesday, February 21st, 2017

मुश्किलें दिल के इरादे आजमाती है,
स्वप्न के परदे निगाहों से हटाती हैं,
हौसला मत हार गिर कर ओ मुसाफिर,
ठोकरें ही तो इन्सान को चलना सिखाती हैं..

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