वादे पे वो ऐतबार नहीं करते, हम जिक्र मौहब्बत सरे बाजार नहीं करते, डरता है दिल उनकी रुसवाई से, और वो सोचते हैं हम उनसे प्यार नहीं करते|


Romantic Shayari / Wednesday, January 11th, 2017

वादे पे वो ऐतबार नहीं करते,
हम जिक्र मौहब्बत सरे बाजार नहीं करते,
डरता है दिल उनकी रुसवाई से,
और वो सोचते हैं हम उनसे प्यार नहीं करते|

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